Monday, June 24, 2024
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बागेश्वर धाम, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय, नागपुर विवाद (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri Pandit ji Biography in Hindi)

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महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri ) एक प्रसिद्ध साधु हैं जो भारत में रहते हैं। लोग उसे पसंद करते हैं क्योंकि वह बहुत खास है वह अपने अद्भुत कौशल और क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं और उनके भक्त उनकी बहुत प्रशंसा करते हैं। और ऐसे काम कर सकता है जो दूसरे लोग नहीं कर सकते। लोगों के मन में क्या चल रहा है ये लोग बिना बताए ही जान जाते हैं, इस वजह से उन्हें हिंदू देवता हनुमान के अवतार के रूप में भी जाना जाता है। हम आपको यहां उनके जीवन के बारे में और बताएंगे।

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पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय (Bageshwar dham, Shri Dhirendra Krishna Shastri Biography in Hindi)

पूरा नाम (Full Name )पं. श्री धीरेन्द्र कृष्ण जी (Shri Dhirendra Krishna Shastri )
उपनाम (Surname )बागेश्वर धाम महाराज (Bageshwar Dham Maharaj)
प्रचलित नाम (Popular Name )
बागेश्वर धाम महाराज, बालाजी महाराज, श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar Dham Maharaj, Balaji Maharaj, Shri Dhirendra Krishna Shastri )
जन्म तिथि (Date of Birth )4 जुलाई 1996 (04 July 1996)
जन्म स्थान (Place of Birth)गड़ा, छतरपुर, मध्य प्रदेश, भारत ( Gada, Chhatarpur, Madhya Pradesh, India)
जाति (Caste)पंडित (Brahmin )
मंदिर (Devotee of)श्री बालाजी हनुमान को समर्पित
धर्म (Religion )हिन्दू (Hindu)
उम्र (age)26 वर्ष (26 Year)
पिता का नाम  (Father Name)राम करपाल गर्ग (Ram Kripal Garg)
माता का नाम (Mother Name)सरोज गर्ग (Saroj Garg)
दादाजी का नाम (Grandfather Name)भगवान दास गर्ग (Bhagwan Das Garg)
भाई-बहन (Siblings)एक बहन, शालिग्राम गर्ग जी महाराज (छोटा भाई) / (Shaligram Garg Ji Maharaj (younger brother), 1 sister)
भाषाहिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, बुंदेली,
गुरुश्री दादा जी महाराज सन्यासी बाबा (Shri Dadaji Maharaj Sanyasi Baba)
शिक्षा/शैक्षिक योग्यता बी ए (B.A), स्नातक (कला वर्ग में स्नातक)
व्यवसाय (Profession)प्रमुख बागेश्वर धाम, कथावाचक, सनातन धर्म प्रचारक, यूट्यूबर, दिव्य दरबार
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)अविवाहित (Unmarried)
इनकम (Income)/ नेटवर्थ₹8000 + प्रतिदिन
₹3.5 लाख प्रतिमाह
₹40 लाख प्रतिवर्ष
Net-Worth : 19.5 करोड़
कार्यकाल2003 से अब तक (Since 2003 to present)

महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म, उम्र, बचपन , परिवार एवं आरंभिक जीवन (Bageshwar dham, Shri Dhirendra Krishna Shastri Birth, Age, Family and Early Life)

महाराज धीरेंद्र कृष्ण (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri ) का जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा पंज गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता राम कृपाल गर्ग और माता सरोज गर्ग हैं। पिता राम करपाल गर्ग पुजारी थे जो यजमान बनकर कथा कहते थे। उनकी माता सरोज गर्ग एक साधारण गृहिणी थीं जिन्होंने उनका पालन-पोषण बहुत ही साधारण तरीके से किया। उनके घर में उनके दादा, उनकी एक बहन और एक छोटा भाई भी है। कहा जाता है कि पं. धीरेंद्र शास्त्री का बचपन काफी कठिनाई में बीता। यहाँ तक की जब वह छोटे थे तो परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें एक वक्त का ही भोजन कैसे जैसे मिल पाता था। इनके छोटे भाई शालिग्राम गर्ग जी महाराज हैं। शालिग्राम गर्ग जी महाराज भी बालाजी बागेश्वर धाम को समर्पित हैं। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने 11 साल की छोटी सी उम्र से ही बालाजी बागेश्वर धाम में पूजा पाठ शुरू कर दी थी। पं. धीरेंद्र शास्त्री के दादा जी ने चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े से दीक्षा ली थी। जिसके बाद वे गड़ागंज पहुंचे थे। उनका परिवार आज भी उसी गाड़ागंज में रहता है जहां बागेश्वर धाम का मंदिर स्थित है। उनका पुश्तैनी घर भी यहीं है। उनके दादा पंडित भगवान दास गर्ग (सेतु लाल) भी यहीं रहते थे। महाराज धीरेंद्र कृष्ण ने अपना प्रारंभिक जीवन गाँव में बिताया । महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बचपन से ही आध्यात्मिक चीजें का काफी शौक रहा है। वह अपने दादा से अध्यात्म के बारे में सीखते हुए बड़े हुए।

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बागेश्वर धाम – महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की शिक्षा (Bageshwar Dham – Education of Shri Dhirendra Krishna Shastri)

धीरेंद्र कृष्ण (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri ) ने अपनी शुरुवाती शिक्षा गांव के ही एक सरकारी स्कूल से प्राप्त की। लेकिन आगे की शिक्षा को जरीन रखने के लिए उन्हें 5 किलोमीटर दूर गंज के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने जाना होता था। जैसा ही इनकी आर्थिक स्तिथि इतनी अच्छी नहीं थी इसीलिए 5 किलोमीटर का सफर, प्रतिदिन पैदल ही तय किया करते थे। इस तरह से इन्होने वहां से बीए कंप्लीट की। लेकिन पढ़ाई में इनका ज्यादा मन ना लगने के कारण इन्होने अपने दादाजी से रामायण, महाभारत, भागवत कथा और पुराण महाकाव्य की शिक्षा ली और यही स्व दरबार लगाना शुरू किया। जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने हनुमान जी की साधना करनी शुरू कर दी और कम उम्र में ही सिद्धि प्राप्त कर ली।

आखिर क्या है बागेश्वर धाम का इतिहास ? (What is the history of Bageshwar Dham?)

भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर ज़िले से 35 किलोमीटर दूर एक जगह है गढ़ा। यहीं पर बागेश्वर धाम है। यहां पर ही बालाजी हनुमान जी का मंदिर है। हर मंगलवार को यहाँ बालाजी हनुमान जी के दर्शन को भारी भीड़ उमड़ती है। इस दरबार को धीरे-धीरे लोग बागेश्वर धाम सरकार के नाम से पुकारने लगे। ये मंदिर सैकड़ों साल पुराना बताया जाता है।

साल 1986 में इस बालाजी हनुमान जी मंदिर का रेनोवेशन कराया गया था। साल 1987 के आसपास यहां एक संत बब्बा जी सेतु लाल जी महाराज आए थे। इनको लोग भगवान दास जी महाराज के नाम से भी पुकारते थे धाम के मौजूदा प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान दास जी महाराज के ही पौत्र हैं।

इसके कुछ साल बाद 1989 में बाबा जी द्वारा बागेश्वर धाम में एक विशाल महायज्ञ का आयोजन किया गया। साल 2012 में श्रद्धालुओं की समस्याओं के निवारण के लिए बागेश्वर धाम की सिद्ध पीठ पर दरबार का शुभारंभ हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे बागेश्वर धाम के सभी भक्त इस दरबार से जुड़ने लगे। कहा जाता है कि यहां आने वाले लोगों की समस्याओं का निवारण किया जाता है।

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महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri) लंदन की संसद में हुए सम्मानित

छोटे से गांव गढ़ा में रहने वाले 25 साल के युवा संत पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी (Bageshwar dham, Dhirendra Krishna Shastri) को ब्रिटेन की पार्लियामेंट में सम्मान मिला है। बागेश्वर धाम ग्राम गढ़ा के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज 1 जून से 15 जून तक ब्रिटेन के प्रवास पर थे। उन्होंने लंदन और लेस्टर शहर में श्री हनुमत कथा और श्रीमद भागवत कथा का वाचन किया। उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ब्रिटेन , वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन और संत शिरोमणि का अवार्ड सम्मान, धार्मिक और सामाजिक परोपकारी कामों को देखते हुए मिला है।
धीरेन्द्र कृष्ण को जब ये पुरस्कार दिए गए तब ब्रिटेन की संसद में जय श्री राम की प्रबल ध्वनि गूंज उठी।

लोग क्यों चमत्कारी महाराज कहते है ? (Why do people say miraculous Maharaj Bageshwar Dham?)

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लोग अक्सर चमत्कारी महाराज के नाम से पुकारते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना ​​है कि उनका दरबार समस्याओं को सुलझाने में कभी असफल नहीं होता । धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी से मिलने के लिए पहले अर्जी लगानी पड़ती है या टोकन लाना होता है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण व्यक्ति की समस्या बताने से पहले ही बता देते है कि वे यहां किसलिए आये है और उसकी क्या समस्या है। किस भी अनजान व्यक्ति का नाम बता पाना आसान नहीं होता है लेकिन धीरेन्द्र कृष्ण नाम से बुलाते है कि आप यहाँ आ जाओ, आपकी अर्जी आ चुकी है । इसी तरह से इनके द्वारा काफी सारे कार्य किए गए है जिसकी वजह से लोग इन्हें चमत्कारी महाराज के नाम से पुकारते है।

महाराज धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर क्या है विवाद ? (Dhirendra Shastri Bageshwar Baba Controversy)

बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर नागपुर की अंधश्रद्धा उन्मूलन नाम की एक संस्था ने जादू-टोना और अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है। संस्था समिति का कहना है कि दिव्य दरबार और प्रेत दरबार लगाकर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण  ‘जादू टोना’ करते हैं। इस के अलावा समिति का उन पर ये भी आरोप है कि उनके दरबार में देव धर्म के नाम पर आम लोगों को लूटने के साथ ही उनके साथ धोखाधड़ी भी होती है और शोषण किया जाता है।

इस सिलसिले में समिति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। यह शिकायत महाराष्ट्र मानव बलिदान और अन्य बुराई और अघोरी प्रथा, अमानवीय, या काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम 2013 के तहत कराई गई है। दरअसल, इस विवाद की शुरुआत उस दौरान हुई जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की नागपुर में आयोजित श्री राम चरित्र- चर्चा 13 जनवरी 2023 की जगह 11 जनवरी 2023 को पहले ही खत्म हो गई थी। इस पर समिति का कहना था कि कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को उनकी तरफ से चैलेंज दिया गया था कि वे उन लोगों के बीच आएं और अपना ये दरबार लगाएं और जो ये दावा किया करते हैं कि वे बिना मिले ही लोगों के बारे में सब जान लेते हैं तो ये उनके बारे में भी बता कर दिखाए । अगर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सब सच बता देते हैं तो समिति उन्हें 30 लाख रुपये भेंट के रूप में देगी। अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के मुताबिक “हमारे इस चैलेंज के बाद ही कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तय समय से दो दिन पहले ही अपना दिव्य चमत्कारी दरबार लगाए बिना ही नागपुर से चले गए” । इसी मुद्दे पर समिति की तरफ से कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध किया जा रहा है। 

समिति के आरोपों पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पलटवार करते हुए ये कहा कि उन्होंने अपने गुरु जी के जन्म दिवस की वजह से सभी जगहों की कथा से दो-दो दिन कम कर दिए थे । इसी वजह के चलते उन्होंने नागपुर की कथा से भी दो दिन कम कर दिए थे। साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ये भी कहा कि वो पिछले सात दिनों तक लगातार नागपुर में कथा करते रहे, इस बीच दो दिन का दिव्य दरबार भी लगाया गया था , लेकिन तब तो कोई नहीं आया और किसी ने भी कोई चुनौती नहीं दी। 

बागेश्वर बाबा गदा लेकर क्यों चलते हैं ? (Why do Bageshwar Baba walk with mace?)

क्या आप जानते है बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा अपने साथ एक छोटी गदा लेकर चलते हैं। उनका कहना यह है कि गदा को अपने पास रखने से उन्हें हनुमान जी की शक्तियां मिलती रहती हैं। वह लोगों को हनुमान जी की आराधना करने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं।उनका कहना हैं कि वे किसी भी तरह का कोई चमत्कार ना ही दिखाते है न ही करते हैं। वह तो सिर्फ लोगो की बालाजी हनुमानजी के सामने अर्जियां लगाते हैं। इन अर्जियों को बालाजी हनुमान जी स्वीकार कर लेते हैं। जिससे आम लोगों को काफी ज्यादा फायदा होता है। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने अंधविश्वास का विवाद सामने आने के बाद भी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि वे कभी किसी को भी अपने दरबार में नहीं बुलाते, लोग खुद ही अपनी समस्या का हल ढूढ़ते हुए अपनी मर्जी से यहाँ आते हैं। वो तो सिर्फ आये हुए लोगो की अर्जियों को भगवान के सामने पेश करते है और इसके बाद सब कुछ भगवान ही करते है। 

FAQ

Q : बागेश्वर धाम/धीरेंद्र शास्त्री का पूरा नाम क्या है?

Ans : बागेश्वर धाम का पूरा नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी है .

Q :  महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम की उम्र कितनी है??

Ans : महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम की उम्र 26 वर्ष है

Q : बागेश्वर धाम/धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के गुरुजी का नाम क्या है?

Ans :  बागेश्वर धाम के गुरु जी का नाम दादाजी श्री भगवान दास गर्ग जी है।

Q :  क्या महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम की शादी हो चुकी है ?

Ans : अभी तक महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम की शादी नहीं हुई हैं।

Q :  महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम कौन है /बागेश्वर महाराज क्यों प्रसिद्ध है ?

Ans : बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी है जो एक सनातनी हिन्दू होने के साथ ही आजकल चमत्कारी महाराज के नाम से जाने जा रहे है जो बिना मिले ही लोगों के बारे में सब जान लेते हैं और उनके बारे में भी सब कुछ बता देते है। 

Q :  महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम में क्या चमत्कार होता है??

Ans : जो भी रोग दुनिया के किसी भी कोने में ठीक नहीं होता वो  महाराज धीरेन्द्र कृष्ण/बागेश्वर धाम पर उसके ठीक होने की 100% संभावना हो जाती है

दोस्तों आज की इस पोस्ट में हमने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय जाना है आपको ये पोस्ट कैसी लगी मुझे कमेंट करके जरूर बताये और हाँ ऐसी रोचक बातें हम आपको बताते रहेंगे अगर आप भी चाहते है उन्हें पढ़ना तो आप हमारी वेबसाइट Knovn.in को फॉलो कर सकते है। 

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